mRrरekyk
1Answer – (A)
व्याख्या: हरिषेण गुप्त सम्राट समुद्रगुप्त का दरबारी कवि और मंत्री था। प्रयाग प्रशस्ति (प्रयाग स्तम्भ लेख) के अनुसार, वह संधि-विग्रहिक (युद्ध और शांति का मंत्री), कुमारामात्य (प्रांतीय अधिकारी), और खाद्यटपाकिक (शाही रसोई का अधीक्षक) जैसे महत्वपूर्ण पदों पर था। ‘धर्ममहामात्र’ पद की स्थापना मौर्य सम्राट अशोक द्वारा की गई थी, न कि गुप्त काल में हरिषेण के पास थी।
2D .3 c.
4-Aव्याख्या: ब्राजील के मध्य-पूर्वी पठारी भागों में पाए जाने वाले उष्णकटिबंधीय घास के मैदानों को कैम्पोस (Campos) कहा जाता है। जबकि ‘लानोस’ वेनेजुएला में, ‘स्टेपी’ यूरेशिया में और ‘पम्पास’ अर्जेंटीना के शीतोष्ण घास के मैदान हैं।
5-B व्याख्या: चंद राजवंश के शासनकाल के दौरान जनता पर कई तरह के कर (Tax) लगाए जाते थे। इनमें से ‘कटक’ नाम का कर विशेष रूप से सेना के रख-रखाव और युद्ध के खर्चों को पूरा करने के लिए लिया जाता था (कटक का शाब्दिक अर्थ ही सेना होता है)।
6 C व्याख्या: रणसिंगा (या रंणसिंग) उत्तराखंड और हिमाचल प्रदेश का एक पारंपरिक सुषिर (फूंक मारकर बजाया जाने वाला) वाद्य यंत्र है। यह मुख्य रूप से तांबे (Copper) या पीतल की धातु से ‘S’ के आकार में घुमावदार बनाया जाता है, जिसका उपयोग पुराने समय में युद्ध की शुरुआत या मांगलिक कार्यों में किया जाता था।
7-Aव्याख्या: कुषाण वंश के सबसे प्रतापी राजा कनिष्क की मुख्य या पहली राजधानी पुरुषपुर (आधुनिक पेशावर, पाकिस्तान) थी। उसकी दूसरी सांस्कृतिक और राजनीतिक राजधानी मथुरा में स्थित थी।
8-B व्याख्या: उत्तराखण्ड की प्रसिद्ध पर्वतारोही कविता चंद ने अंटार्कटिका की सबसे ऊंची पर्वत चोटी, माउंट विंसन (4,892 मीटर) पर सफलतापूर्वक चढ़ाई की है।कविता चंद मूल रूप से उत्तराखण्ड के अल्मोड़ा जिले (धारा नौला) की रहने वाली हैं।
9-C
10-D : उत्तराखंड का कुल क्षेत्रफल 53,483 वर्ग किमी है। विकल्पों में दिए गए राज्यों का क्षेत्रफल इस प्रकार है:
§
मिजोरम: ~21,081 वर्ग किमी
§
नागालैंड: ~16,579 वर्ग किमी
§
त्रिपुरा: ~10,491 वर्ग किमी
§
हिमाचल प्रदेश: 55,673 वर्ग किमी (जो उत्तराखंड से अधिक है)।
11A व्याख्या: पृथ्वी की सबसे आंतरिक परत यानी कोर (Core) मुख्य रूप से भारी धातुओं निकिल (Nickel –
Ni) और लोहे (Ferrum – Fe) से बनी है। इसी कारण इस परत को ‘निफे’ (Nife) भी कहा जाता है। सिलिका और एल्युमीनियम से ऊपरी परत ‘सियाल’ (Crust) बनती है।
12-c व्याख्या: उत्तराखंड में गोरखा शासनकाल (1790-1815) के दौरान न्याय प्रणाली बेहद कठोर और अंधविश्वास पर आधारित थी। किसी व्यक्ति के दोष या बेगुनाही को साबित करने के लिए ‘दिव्य परीक्षाओं’ का सहारा लिया जाता था, जैसे गर्म लोहे के गोले को हाथ में पकड़ना (गोलादीप), तराजू में तौलना (तराजूदीप), या उबलते तेल में हाथ डालना (कढ़ाईदीप)
13 D (7 × 3) – 3 = 21 – 3 =
18
(18 × 3) – 3 = 54 – 3 = 51
(51 × 3) – 3 = 153 – 3 = 150
(150 × 3) – 3 = 450 – 3 = 447
(447 × 3) – 3 = 1341 – 3 = 1338
14 D व्याख्या: रवांई कांड (तिलाड़ी कांड) 30 मई 1930 को हुआ था, जिसे उत्तराखंड का जलियांवाला बाग कांड भी कहते हैं। उस समय टिहरी रियासत के दीवान चक्रधर जुयाल थे (जिन्होंने निहत्थे ग्रामीणों पर गोली चलाने का आदेश दिया था), न कि पद्म दत्त रतूड़ी। अतः विकल्प (D) गलत कथन है।
15-D व्याख्या: क्वाड (Quadrilateral
Security Dialogue) चार लोकतांत्रिक देशों का एक रणनीतिक समूह है। इसके सदस्य देश भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया हैं। चीन इसका सदस्य नहीं है, बल्कि हिंद-प्रशांत क्षेत्र में चीन के बढ़ते प्रभाव को संतुलित करने के लिए ही इसकी सक्रियता बढ़ी है
16 D व्याख्या: टिहरी रियासत के राजा कीर्ति शाह ने शिक्षा के प्रसार के लिए कई सराहनीय कार्य किए थे। उन्होंने ब्रिटिश हुक्मरान कैंपबेल के नाम पर टिहरी में ‘कैंपबेल बोर्डिंग हाउस’ की स्थापना करवाई थी ताकि छात्रों को रहने और पढ़ने की सुविधा मिल सके।
17-D व्याख्या: उत्तराखंड के पहाड़ी अंचलों में, विशेषकर ग्रामीण और जनजातीय क्षेत्रों में, ‘दोखा’ (महिलाओं द्वारा पहना जाने वाला एक प्रकार का वस्त्र) और ‘भंगेला’ (भांग के रेशों से बना पारंपरिक मोटा वस्त्र या कंबल/शॉल) पारंपरिक परिधानों के अंतर्गत आते हैं।
18-C
19A व्याख्या: द्वितीय कर्नाटक युद्ध (1749-1754) मुख्य रूप से फ्रांसीसियों और अंग्रेजों के बीच हैदराबाद और कर्नाटक के उत्तराधिकार को लेकर लड़ा गया था। युद्ध की समाप्ति (पांडिचेरी की संधि) के बाद ब्रिटिश समर्थित उम्मीदवार मुहम्मद अली खान वलाजाह को कर्नाटक का नवाब स्वीकार किया गया
20-B
21-A व्याख्या: फ़िशिंग (Phishing) एक साइबर अपराध है जिसमें हैकर्स आपको धोखे से प्रतिष्ठित या विश्वसनीय संस्थान (जैसे बैंक) के रूप में नकली ई-मेल या संदेश भेजते हैं। इनका उद्देश्य आपकी संवेदनशील जानकारी जैसे पासवर्ड, क्रेडिट कार्ड विवरण या बैंक खाता संख्या चुराना होता है।
22 C व्याख्या: इतिहासकार अब्दुल कादिर बदायूंनी के अनुसार, चंद वंश के शासक राजा रुद्रचंद 1588 ईस्वी में मुगल सम्राट अकबर से मिलने लाहौर गए थे। वहाँ उन्होंने अकबर की अधीनता स्वीकार की थी और अकबर को कई कीमती उपहार भेंट किए थे।
23 B व्याख्या: इन घटनाओं का सही वर्ष इस प्रकार है:
§
सर्वोच्च न्यायालय की स्थापना – 28 जनवरी 1950
§
केशवानन्द भारती मामला – 1973
§
पहली महिला न्यायाधीश (न्यायमूर्ति फातिमा बीवी) की नियुक्ति – 1989
§
राष्ट्रीय न्यायिक नियुक्ति आयोग (NJAC) को असंवैधानिक घोषित किया जाना – 2015
अतः सही क्रम 1, 2, 3, 4 है।
24 B व्याख्या: दिए गए विकल्पों में से हरिद्वार की सीमा उत्तराखंड के केवल 2 जिलों (देहरादून और पौड़ी गढ़वाल) को छूती है। इसके अलावा चम्पावत और रुद्रप्रयाग की सीमाएँ 3-3 जिलों को स्पर्श करती हैं, जबकि देहरादून की सीमा 4 जिलों को छूती है। (नोट: पूरे उत्तराखंड में सबसे कम जिलों को छूने वाले जिले उधम सिंह नगर और हरिद्वार हैं, जो केवल 2-2 जिलों को छूते हैं)।
25 C व्याख्या: चांचरी उत्तराखंड के कुमाऊं क्षेत्र (विशेषकर बागेश्वर और पिथौरागढ़) का एक प्रसिद्ध पारंपरिक गीत-नृत्य (नृत्य-गीत) है। इसे मुख्य रूप से मेलों और उत्सवों के दौरान स्त्री और पुरुषों द्वारा एक गोलाकार घेरा बनाकर सामूहिक रूप से गाया और नाचा जाता है। गढ़वाल में इसे ‘झोड़ा’ या ‘चांचरी’ दोनों रूपों में जाना जाता है।
26 D व्याख्या: सिडनी बुरार्ड के हिमालय के क्षेत्रीय विभाजन के अनुसार:
शब्दकोशऔर विश्वकोश
§
सिंधु से सतलज – पंजाब/कश्मीर हिमालय
§
सतलज से काली – कुमायूँ हिमालय (लगभग 320 किमी लंबाई)
§
काली से तिस्ता – नेपाल हिमालय
§
तिस्ता से ब्रह्मपुत्र – असम हिमालय
27 B
28-D व्याख्या: यह कथन असत्य है क्योंकि अल्मोड़ा में कुष्ठ आश्रम (Leper Asylum) की स्थापना जार्ज बैटन ने नहीं, बल्कि अल्मोड़ा में कुष्ठ आश्रम (लेप्रोसी मिशन अस्पताल और होम) की स्थापना
1836 में तत्कालीन कुमाऊं कमिश्नर हेनरी रैमसे (Henry Ramsay) द्वारा की गई थी। बाकी तीनों कथन (A, B, C) ऐतिहासिक रूप से बिल्कुल सत्य हैं।
29 D व्याख्या: अभिकथन (A) सही है क्योंकि अशोक के धम्म में अहिंसा (जीवों के प्रति दया) सबसे मुख्य तत्व था। कारण (R) भी अपनी जगह सही है क्योंकि अशोक के 9वें वृहद शिलालेख में जन्म, बीमारी, विवाह आदि के समय किए जाने वाले निरर्थक मंगल/समारोहों की आलोचना की गई है। लेकिन कारण (R), अभिकथन (A) के “अहिंसा” वाले पहलू की व्याख्या नहीं करता (अहिंसा की बात मुख्य रूप से पहले और पांचवें शिलालेख में आती है)।
30.C
31A व्याख्या: राजा रुद्रचंद के प्रसिद्ध और पराक्रमी सेनापति पुरुषोत्तम पंत (पुरुष पंत) ने 1581 ई. में ‘सीरा’ (वर्तमान पिथौरागढ़ का क्षेत्र) के मल्ल राजा हरी मल्ल को हराकर सीरा पर विजय प्राप्त की और उसे चंद साम्राज्य का हिस्सा बना दिया था।
32 Bव्याख्या: सही मिलान इस प्रकार है:
§
अस्कोट वन्यजीव अभयारण्य – b. पिथौरागढ़ जनपद
§
डोडी ताल – a. उत्तरकाशी
§
कफनी ग्लेसियर – d. बागेश्वर जनपद
§
सोना नदी वन्यजीव अभयारण्य – c.
पौडी
§
33 B व्याख्या: लिनक्स (Linux) ऑपरेटिंग सिस्टम के कर्नेल (Kernel) का विकास लिनस टोरवाल्ड्स (Linus
Torvalds) ने वर्ष 1991 में किया था। यह एक ओपन-सोर्स (Open-source) ऑपरेटिंग सिस्टम है। (बिल गेट्स- माइक्रोसॉफ्ट, स्टीव जॉब्स- एप्पल, डेनिस रिची- C भाषा)।
34 B व्याख्या: लॉर्ड रिपन के कार्यकाल में आए विवादित ‘इल्बर्ट बिल’ (जो भारतीय न्यायाधीशों को यूरोपीय अपराधियों के मुकदमे सुनने का अधिकार देता था) के समर्थन में कुमाऊं के बुद्धिजीवियों ने बुद्धिबल्लभ पंत की अध्यक्षता में 1883 ई. में अल्मोड़ा में एक विशाल सभा का आयोजन किया था।
35-B व्याख्या: लॉर्ड रिपन के कार्यकाल में आए विवादित ‘इल्बर्ट बिल’ (जो भारतीय न्यायाधीशों को यूरोपीय अपराधियों के मुकदमे सुनने का अधिकार देता था) के समर्थन में कुमाऊं के बुद्धिजीवियों ने बुद्धिबल्लभ पंत की अध्यक्षता में 1883 ई. में अल्मोड़ा में एक विशाल सभा का आयोजन किया था।
36Aव्याख्या: भारतीय संविधान का अनुच्छेद 40 (राज्य के नीति निदेशक तत्व) ग्राम पंचायतों के गठन की बात करता है। यह पूरी तरह महात्मा गांधी के ‘ग्राम स्वराज’ और सत्ता के विकेंद्रीकरण (Decentralization) के दर्शन पर आधारित है। इसलिए कारण (R), अभिकथन (A) का बिल्कुल सही और सटीक स्पष्टीकरण देता है।
37-D
38-B व्याख्या: प्रसिद्ध ब्रिटिश पुरातत्वविद् अलेक्जेंडर कनिंघम (Alexander
Cunningham) को कुमाऊँ क्षेत्र के अपने दौरों और शोध के दौरान ‘राजावली’ (Rajavali) नामक एक ऐतिहासिक पांडुलिपि/वंशावली प्राप्त हुई थी, जिससे कत्यूरी और चंद राजाओं के इतिहास को समझने में मदद मिली।
39-C व्याख्या: किसी देश के भुगतान संतुलन (Balance of Payments) के चालू खाते (Current Account) में दो मुख्य चीजें शामिल होती हैं:
§
व्यापार का संतुलन (Balance of Trade): दृश्य मदों यानी वस्तुओं (Goods) का आयात-निर्यात।
§
अदृश्य मदों का संतुलन (Balance of Invisibles): सेवाओं
(Services), ट्रांसफर पेमेंट (जैसे उपहार/रेमिटेंस) और आय का लेन-देन।
इसलिए, (A) और (B) दोनों इसके सही भाग हैं। प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (FDI) ‘पूंजी खाते’
(Capital Account) का हिस्सा है।
40-D
41Aव्याख्या:
कथन I सही है: 1942 के भारत छोड़ो आंदोलन के दौरान देश के कई हिस्सों जैसे बलिया, तामलुक और सतारा में समानांतर सरकारें (Parallel Governments) बनाई गई थीं।
कथन II गलत है: बलिया (उत्तर प्रदेश) में पहली समानांतर सरकार चित्तू पांडे के नेतृत्व में बनी थी, जबकि सतारा (महाराष्ट्र) में समानांतर सरकार का नेतृत्व वाई. बी. चव्हाण और नाना पाटिल ने किया था
42-B व्याख्या: स्वतंत्रता के बाद वर्ष 1948 में सत्य प्रसाद रतूड़ी ने मसूरी से ‘हिमाचल’ नामक साप्ताहिक समाचार पत्र का प्रकाशन शुरू किया था। इस पत्र ने टिहरी रियासत के जन-आंदोलनों और उत्तराखंड के हितों को प्रमुखता से उठाया था।
43B व्याख्या: कुमाऊँ की स्थानीय बोलियों, भाषा और मुहावरों पर आधारित प्रसिद्ध पुस्तक “The Hill
Dialects of the Kumaun Division” की रचना प्रसिद्ध विद्वान पंडित गंगा दत्त उप्रेती द्वारा वर्ष 1900 में की गई थी
44 C व्याख्या: MS Excel में सामान्य चार्ट एक ‘स्टैटिक’ डेटा सोर्स से जुड़े होते हैं, जबकि पिबट चार्ट (Pivot Chart) पूरी तरह से डायनेमिक ऑब्जेक्ट (Dynamic Object) होते हैं। पिबट चार्ट से जुड़े डेटा को जैसे ही फ़िल्टर या सॉर्ट किया जाता है, चार्ट के दृश्य (Visuals) और डेटा रीयल-टाइम में बदल जाते हैं।
45-C
46-A व्याख्या: भारतीय संविधान के राज्य के नीति निदेशक तत्वों (DPSP) के तहत अनुच्छेदों का सही मिलान इस प्रकार है:
§
अनुच्छेद 43A: उद्योगों के प्रबंधन में कर्मचारियों की भागीदारी (3)
§
अनुच्छेद 43B: सहकारी समितियों का उन्नयन (2)
§
अनुच्छेद 48: कृषि और पशुपालन का संगठन (1)
§
अनुच्छेद 48A: पर्यावरण का संरक्षण तथा संवर्धन और वन तथा वन्यजीवों की रक्षा (4)
47B
48-C व्याख्या: यह कथन असत्य है क्योंकि 2011 की जनगणना के अनुसार उत्तराखंड में सर्वाधिक जनसंख्या वाला जिला हरिद्वार (18,90,422) है। देहरादून जनसंख्या के मामले में दूसरे स्थान पर आता है। बाकी सभी कथन (A – समग्र लिंगानुपात 963, B – न्यूनतम लिंगानुपात हरिद्वार 880, C – उच्चतम लिंगानुपात अल्मोड़ा 1139) पूर्णतः सत्य हैं।
49 c व्याख्या: भारत में हरित क्रांति की नींव के रूप में वर्ष 1960-61 में ‘गहन कृषि जिला कार्यक्रम’ (Intensive Agriculture District Programme – IADP) शुरू किया गया था। इस पायलट प्रोजेक्ट के तहत देश के 7 शुरुआती जिलों (जैसे तंजावुर, अलीगढ़, शाहबाद आदि) को चुना गया था।
50 C
§
51Dकथन I सही है: इतिहास या विज्ञान में ‘युग’ (Era/Epoch) समय के एक ऐसे बड़े कालखंड को कहते हैं जिसकी अपनी कुछ विशिष्ट ऐतिहासिक या भूवैज्ञानिक विशेषताएं होती हैं।
§
कथन II सही है: भूवैज्ञानिक समय पैमाना (Geological Time
Scale) या भूवैज्ञानिक घड़ी एक ऐसी प्रणाली है जो पृथ्वी के निर्माण (4.6 अरब वर्ष पहले) से लेकर आज तक के संपूर्ण इतिहास, चट्टानों और पर्वतों के क्रमिक विकास (Geomorphic history) को कालक्रम में प्रदर्शित करती है।
52C-व्याख्या: कुमाऊँ के चंद राजवंश के समय ‘महरा’ (कटारमल/अल्मोड़ा क्षेत्र) और ‘फर्तयाल’ (डूंगरी क्षेत्र) दो बेहद शक्तिशाली और प्रभावशाली दरबारी गुट थे। इन दोनों गुटों की आपसी प्रतिद्वंद्विता और राजनीतिक खींचतान चंद राजाओं के सिंहासन और पूरे कुमाऊँ के इतिहास को गहराई से प्रभावित करती थी।
§
53B कथन 1, 2 और 4 पूरी तरह सही हैं क्योंकि सिस्टम सॉफ्टवेयर (जैसे विंडोज, लिनक्स ऑपरेटिंग सिस्टम) कंप्यूटर को चलाने और हार्डवेयर को नियंत्रित करने का काम करता है।
§
कथन 3 गलत है क्योंकि इसका उपयोग ‘केवल मनोरंजन’ के लिए नहीं होता; मनोरंजन के लिए गेम या वीडियो प्लेयर ‘एप्लिकेशन सॉफ्टवेयर’ (Application Software) के अंतर्गत आते हैं।
54C व्याख्या: उत्तराखंड के ऐतिहासिक समाचार पत्रों और संपादकों का सही मिलान इस प्रकार है:
§
समय-विनोद (1868): जयदत्त जोशी (3) – उत्तराखंड का पहला हिंदी समाचार पत्र।
§
अल्मोड़ा अखबार (1871): बुद्धिबल्लभ पंत (4) – इसके प्रथम संपादक थे।
§
पुरुषार्थ (1917): गिरिजादत्त नैथानी (2) – दुगड्डा से प्रकाशित।
§
तरुण कुमाऊँ (1922): बैरिस्टर मुकुंदीलाल (1) – लैंसडाउन से प्रकाशित
55C व्याख्या: चमोली के कास्वां गाँव से शुरू होने वाली विश्व प्रसिद्ध ‘नंदा देवी राजजात यात्रा’ के मार्ग में पड़ने वाला वाण (Wan) गाँव अंतिम मानव आबादी वाला गाँव है। इसके बाद आगे का सफर (बेदनी बुग्याल, रूपकुंड, होमकुंड) पूरी तरह निर्जन और पहाड़ी पर्वतीय रास्तों से होकर गुजरता है।
56A व्याख्या: अनुच्छेद 13 न्यायपालिका को ‘न्यायिक पुनरावलोकन’ (Judicial Review) की शक्ति देता है। इसके अनुसार, यदि संसद या कोई राज्य विधानमंडल ऐसा कानून बनाता है जो नागरिकों के मूल अधिकारों को छीनता या कम (अल्पीकरण) करता है, तो वह कानून उस सीमा तक शून्य (अवैध) घोषित कर दिया जाएगा।
57B व्याख्या: उधम सिंह नगर जिले के काशीपुर में प्रसिद्ध चैती माता मंदिर में हर साल चैत्र मास में बाल सुंदरी का मेला (जिसे चैती मेला भी कहते हैं) लगता है। यह बोक्सा जनजाति और स्थानीय लोगों की आस्था का बड़ा केंद्र है। (जौलजीबी मेला पिथौरागढ़ में लगता है)।
58 D 59 C
§
60C कथन 1 सही है: 1947 में
सर
सिरिल
रेडक्लिफ द्वारा भारत और
पाकिस्तान के बीच की
सीमा
रेखा
तय
की
गई
थी,
जिसे
रेडक्लिफ रेखा कहा जाता
है।
§
कथन 2 सही है: भूटान भौगोलिक और राजनीतिक रूप से भारत और चीन जैसे दो बड़े देशों के बीच में स्थित एक अन्तःस्थ राज्य (Buffer State / बफ़र स्टेट) की तरह कार्य करता है।
61 A व्याख्या: हारूल (Harul) उत्तराखंड के देहरादून जनपद के चकराता क्षेत्र में रहने वाली जौनसारी जनजाति का सबसे प्रसिद्ध पारंपरिक लोक नृत्य है। इस नृत्य की मुख्य विशेषता यह है कि इसमें महाभारत कालीन गाथाओं पर नृत्य किया जाता है, और नृत्य के दौरान ‘रामतुला’ (एक विशेष प्रकार का वाद्य यंत्र) बजाना अनिवार्य माना जाता है।
62-D
§
63-B कथन 1 सही है: गुजरात के लोथल और रंगपुर जैसे सिंधु घाटी सभ्यता के स्थलों से बाजरे के दाने मिले हैं।
§
कथन 2 सही है: बाजरा (Pearl Millet) की उत्पत्ति और पालतूकरण मूल रूप से उष्णकटिबंधीय अफ्रीका (विशेषकर पश्चिमी साहेल क्षेत्र) में हुआ था।
§
कथन 3 सही है: संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) ने भारत के प्रस्ताव पर वर्ष 2023 को अंतर्राष्ट्रीय बाजरा वर्ष (International Year
of Millets) घोषित किया था।
§
कथन 4 गलत है क्योंकि बाजरा एक ‘मोटा अनाज’ (Millet) है, इसका चावल की किस्मों से सीधा वनस्पति संबंध नहीं है।
64 C
65-D व्याख्या: ज्योतिराम काण्डपाल आजाद हिंद फौज (INA) से नहीं जुड़े थे, बल्कि वह उत्तराखंड के एक प्रसिद्ध स्वतंत्रता सेनानी थे जिन्होंने 1930 में महात्मा गांधी के साथ प्रसिद्ध दांडी नमक सत्याग्रह में भाग लिया था। इसके विपरीत, कर्नल चंद्र सिंह नेगी (नेताजी के निजी स्टाफ अधिकारी और सिंगापुर में कमांडर), कैप्टन देव सिंह दानु और पदम सिंह आजाद हिंद फौज में बेहद महत्वपूर्ण पदों पर कार्यरत थे।
66 D व्याख्या: उत्तरकाशी जिले में स्थित प्रसिद्ध भैरों घाटी (Bhairon Ghati), भागीरथी नदी और उसकी सहायक नदी जाहनवी (जिसे जाध गंगा भी कहा जाता है) के पवित्र संगम पर स्थित है। यहाँ से गंगोत्री धाम का मार्ग आगे बढ़ता है।
67 C ख्या: भारत में वन्यजीव और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में असाधारण योगदान के लिए परवीन शेख (प्रसिद्ध संरक्षणवादी) और बरखा सुब्बा को उनके सराहनीय और जमीनी कार्यों के लिए इस प्रतिष्ठित पर्यावरण पुरस्कार से सम्मानित किया गया।
68 A व्याख्या: भारत की ग्यारहवीं पंचवर्षीय योजना (2007-2012) का मुख्य लक्ष्य ‘तीव्र और अधिक समावेशी विकास’ था। इस योजना के दौरान बुनियादी ढांचे (Infrastructure) को मजबूत करने के लिए सबसे अधिक बजटीय परिव्यय (Financial
Outlay) ऊर्जा (Energy / Power) क्षेत्र पर आवंटित किया गया था।
69 B
70-B
71-A व्याख्या: मोछंग (Murchunga / Moshang) उत्तराखंड के पहाड़ी क्षेत्रों और लोक संगीत में प्रयुक्त होने वाला एक बहुत छोटा, लोहे या पीतल से बना पारंपरिक वाद्य यंत्र है। इसे होठों के बीच दबाकर और उंगली से हिलाकर हवा के घर्षण से मधुर ध्वनि निकाली जाती है। यह मुख्य रूप से ‘ज्यू-हार्प’ (Jew’s Harp) की श्रेणी में आता है।
72 –B व्याख्या: अप्रैल 1917 में जब बोल्शेविक नेता व्लादिमीर लेनिन निर्वासन से रूस लौटे, तो उन्होंने कम्युनिस्ट पार्टी और देश के सामने तीन क्रांतिकारी मांगें रखी थीं, जिन्हें इतिहास में ‘अप्रैल थीसिस’ (April Thesis) के नाम से जाना जाता है।
§
73-A कथन I बिल्कुल सही है: पहाड़ी क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने और स्थानीय रोजगार सृजन के लिए परियोजना लागत पर 50% (अधिकतम 15 लाख) की सब्सिडी और ब्याज अनुदान दिया जाता है।
§
कथन II गलत है: इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्थानीय लोगों का पलायन रोकना है, इसलिए इस योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का उत्तराखंड का स्थायी या मूल निवासी होना अनिवार्य है।
74 B
75 A व्याख्या: नगदूण (Nagdoon / Naagdamani) उत्तराखंड के मध्य और उच्च हिमालयी क्षेत्रों में पाई जाने वाली एक औषधीय गुणों से भरपूर जंगली जड़ी-बूटी / पौधा है। इसका उपयोग पारंपरिक चिकित्सा में सांप के काटने, विष निवारण और पेट के विकारों को दूर करने के लिए स्थानीय लोगों द्वारा किया जाता है।
76 A व्याख्या: चौंफुला (Chonphula) गढ़वाल क्षेत्र का एक अत्यंत श्रृंगारिक और सामूहिक लोक नृत्य है। इसमें स्त्री और पुरुष एक साथ मिलकर लयबद्ध तरीके से ताली और पैरों की थाप से नृत्य करते हैं। इसकी गति, भाव और शैली गुजरात के प्रसिद्ध ‘गरबा’ और असम के ‘बिहू’ से अत्यधिक मेल खाती है।
77 C व्याख्या: पाराम्बिकुलम-अलियार परियोजना (Parambikulam Aliyar Project) दक्षिण भारत के दो पड़ोसी राज्यों तमिलनाडु और केरल का एक संयुक्त बहुउद्देशीय जल और सिंचाई उपक्रम है, जो पश्चिमी घाट की नदियों के पानी के बँटवारे और उपयोग पर आधारित है।
78 D
79-D व्याख्या: भारत सरकार द्वारा वर्ष 1991 में देश की प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष कर प्रणाली (Tax Structure) में व्यापक और आधुनिक सुधारों की सिफारिश करने के लिए डॉ. राजा जे. चेल्लैया की अध्यक्षता में कर सुधार समिति (Tax Reforms Committee / चेल्लैया समिति) का गठन किया गया था। (तेंदुलकर और लकड़ावाला समितियां गरीबी मापन से जुड़ी हैं)।
80-B व्याख्या: अल्मोड़ा जिले में सुयाल नदी के तट पर स्थित लखू उड्यार (Lakhuudyar) अपने ऐतिहासिक प्रागैतिहासिक शैलाश्रय चित्रों (Rock Paintings) के लिए विश्व प्रसिद्ध है। इसकी खोज 1968 में डॉ. एम.पी. जोशी ने की थी। यहाँ की गुफाओं की दीवारों पर मानव और पशुओं के नृत्य करते हुए सामूहिक चित्र (लाल, काले और सफेद रंगों में) उकेरे गए हैं, जो उत्तराखंड के आदिमानव के इतिहास को दर्शाते हैं।
81 C व्याख्या: मंड्याली
(Mandyali) हिमाचल प्रदेश के मंडी जिले में बोली जाने वाली एक ‘पश्चिमी पहाड़ी’ बोली है, इसका कुमाउँनी से संबंध नहीं है। जबकि सोर्याली (पिथौरागढ़ का सोर क्षेत्र), अस्कोटी (अस्कोट क्षेत्र) और दनपुरिया (बागेश्वर का दानपुर क्षेत्र) कुमाउँनी भाषा की प्रमुख स्थानीय उपबोलियाँ हैं।
82-A व्याख्या: हिंदी व्याकरण में ‘कवि’ का स्त्रीलिंग रूप ‘कवयित्री’ होता है। अधिकांश लोग इसे ‘कवियत्री’ या ‘कवियित्री’ लिखने की गलती करते हैं जो अशुद्ध है। वर्तनी और व्याकरण की दृष्टि से विकल्प (A) पूर्णतः शुद्ध है।
83 A Answer – (A)
व्याख्या: मनु + अन्तर (नोट: मूल प्रश्न के विकल्पों में ‘मन्’ छपा है, जो कि आयोग के टाइपिंग एरर को दर्शाता है, वास्तविक शुद्ध रूप मनु + अन्तर होता है)
यह यण स्वर संधि का उदाहरण है। नियमानुसार, जब हृस्व या दीर्घ ‘उ’ (उ/ऊ)
के बाद कोई अन्य असमान स्वर आता है, तो ‘उ’ का ‘व्’ हो जाता है।
मनु + अन्तर = मन्वन्तर (उ + अ = व्)
84 C व्याख्या: समाचार पत्र के संपादक या नीति-निर्धारकों द्वारा किसी समसामयिक या विशिष्ट समाचार पर जो विचारात्मक और विश्लेषणात्मक लेख लिखा जाता है, उसे संपादकीय
(Editorial) कहते हैं। इसे समाचार पत्र की अपनी आवाज या दृष्टिकोण माना जाता है।
85 D व्याख्या: ‘प्रत्युपकार’ का संधि-विच्छेद करने पर प्रति + उपकार बनता है (यह भी यण संधि है)। यहाँ मूल शब्द ‘उपकार’ है और उसके आगे ‘प्रति’ उपसर्ग जुड़ा हुआ है।
86-D
87-B व्याख्या: दिए गए शब्दों में केवल ‘पुरस्कार’ की वर्तनी पूरी तरह शुद्ध है। बाकी शब्दों के शुद्ध रूप इस प्रकार हैं:
§
प्रफुलित – प्रफुल्ल या प्रफुल्लित
§
बिमार – बीमार (ब में दीर्घ ‘ई’ की मात्रा)
§
तदोपरांत – तदुपरान्त (तद् + उपरान्त)
88 B
89A व्याख्या: ‘अनिल’ हवा (वायु) का पर्यायवाची शब्द है, कामदेव का नहीं। जबकि मदन, कन्दर्प, अनंग, मनोज, रतिपति आदि सभी कामदेव के ही प्रसिद्ध पर्यायवाची शब्द हैं।
90-D व्याख्या: कंप्यूटर में मॉनिटर, प्रिंटर आदि आउटपुट डिवाइसेज का मुख्य कार्य CPU द्वारा प्रोसेस किए गए बाइनरी या डिजिटल डेटा को ग्रहण करना और उसे इंसानों के समझने/पढ़ने योग्य दृश्य (Visual)
या प्रिंटेड रूप में बाहर प्रदर्शित करना होता है। (विकल्प A इनपुट डिवाइस का कार्य है और विकल्प B व C सी.पी.यू का कार्य है)।
91-B व्याख्या: हिंदी के प्रसिद्ध विद्वान, आलोचक और खोजकर्ता डॉ. पीताम्बर दत्त बड़थ्वाल (जो हिंदी साहित्य में डी.लिट की उपाधि पाने वाले पहले व्यक्ति भी थे) ने ‘सुरति-निरति’ नामक प्रसिद्ध दार्शनिक और वैचारिक निबंध की रचना की थी। यह इनके गंभीर संत-साहित्य अध्ययन को दर्शाता है।
92D
व्याख्या: हिंदी की उपभाषाओं और बोलियों का विकास मुख्य रूप से तीन अपभ्रंशों से हुआ है: शौरसेनी (पश्चिमी हिंदी, राजस्थानी), अर्धमागधी (पूर्वी हिंदी) और मागधी (बिहारी हिंदी)। महाराष्ट्री अपभ्रंश से मराठी भाषा का विकास हुआ है, हिंदी की बोलियों का नहीं।
93
Cव्याख्या: इस प्रसिद्ध लोकोक्ति का अर्थ होता है अवसरवादी होना या जिसका कोई दृढ़ सिद्धांत न हो (सिद्धांतहीन व्यक्ति)। ऐसा व्यक्ति जो अपने फायदे के लिए परिस्थितियों के हिसाब से तुरंत अपना पाला या दल बदल लेता है, उसके लिए इस कहावत का प्रयोग किया जाता है।
94A
व्याख्या: ‘आज्ञा’ एक शुद्ध संस्कृत (तत्सम) शब्द है, जिसका तद्भव रूप ‘आन’ होता है। बाकी विकल्पों का विश्लेषण इस प्रकार है:
राय (तद्भव) – राजा (तत्सम)
§
दाहिना (तद्भव) – दक्षिण (तत्सम)
§
किसान (तद्भव) – कृषक (तत्सम)
95
D व्याख्या: महाप्रभु वल्लभाचार्य और उनके पुत्र विट्ठलनाथ द्वारा स्थापित ‘अष्टछाप’ (कृष्ण भक्त 8 कवियों का समूह) में सूरदास जी का स्थान सर्वोपरि है। वे वात्सल्य और शृंगार रस के सम्राट माने जाते हैं और अष्टछाप के जहाज़ कहलाते हैं।
96-B व्याख्या: यह प्रसिद्ध पंक्तियाँ महाप्राण सूर्यकांत त्रिपाठी ‘निराला’ जी की प्रसिद्ध सरस्वती वंदना “वर दे, वीणावादिनी वर दे” से ली गई हैं। इस कविता में वे मां सरस्वती से देश में नए चेतना और नए स्वर फूंकने की प्रार्थना करते हैं।
97B व्याख्या: शासकीय पत्र-व्यवहार (Official Correspondence) के नियमों के अनुसार, किसी कार्यालय या संस्थान के भीतर कर्मचारियों के आंतरिक अनुशासन, तबादले, छुट्टी या प्रशासनिक व्यवस्था के लिए समय-समय पर जारी की जाने वाली सूचना को कार्यालय आदेश (Office Order) कहा जाता है।
98 B व्याख्या: ‘छींका टूटना’ या ‘बिल्ली के भाग्य से छींका टूटना’ मुहावरे का अर्थ होता है अचानक कोई अप्रत्याशित लाभ होना या भाग्य का अनुकूल होना। जब बिना किसी विशेष परिश्रम के अचानक कोई बड़ी सफलता या वस्तु मिल जाती है, तब इसका प्रयोग किया जाता है।
99A व्याख्या: ‘स्थावर’ का अर्थ होता है जो एक ही स्थान पर स्थिर रहे (जैसे मकान, भूमि या पेड़), और इसका ठीक विपरीत/विलोम ‘जंगम’ होता है जिसका अर्थ है जो चल-फिर सके (गतिशील)। अन्य विकल्प: स्थूल का विलोम सूक्ष्म होता है।
100
B व्याख्या: जो सर्वनाम शब्द कर्ता स्वयं अपने लिए (Self के अर्थ में) प्रयोग करता है, उसे निजवाचक सर्वनाम कहते हैं। जैसे: “मैं यह काम आप ही (खुद) कर लूँगा।” यहाँ ‘आप’ आदरसूचक मध्यम पुरुष न होकर निजवाचक है। बाकी विकल्प: ‘किसी’ अनिश्चयवाचक, ‘किन्हें’ प्रश्नवाचक और ‘तुम’ पुरुषवाचक सर्वनाम हैं।
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